नमस्कार दोस्तों, आज मैं इस लेख में आपको प्रोटीन का स्रोत और प्रोटीन के फायदे और नुक्सान के बारे में बताने जा रही हूँ। आप ध्यान से इस पूरी पोस्ट को पढ़ें और जानिए प्रोटीन के अच्छे स्रोत के बारे में

आज मैं आपको कुछ ऐसी अच्छी बातें बताऊँगी जो आपके जानने के लिए बहुत आवश्यक है प्रोटीन शब्द ग्रीक भाषा के  प्रोटियस शब्द से लिया गया है।

प्रोटीन शरीर का निर्माण करने वाले सभी तत्वों में से एक माना जाता है, प्रोटीन शरीर का आधार होता है जो शरीर की कोशिकाओं, ऊतक, रक्त, हार्मोन एवम हड्डियों आदि में पाया जाता है जैसे कार्बन, हाइड्रोजन, आक्सीजन एवं नाइट्रोजन

एक स्वस्थ मानव शरीर में लगभग 60% पानी, 16% तक प्रोटीन तथा 6% तक खनिज तथा 1% कार्बोहाइड्रेट पाया जाता है और थोड़ी मात्रा में विटामिन तथा प्रोटीन कई तत्वों के अणुओं से मिल कर बना है इसमें विटामिन और अन्य पदार्थ भी पाये जाते हैं।

कुछ प्रोटीन में, इन तत्वों के अतिरिक्त सूक्ष्म रूप से फास्फोरसगंध, ताँबा, तथा जस्ता  भी उपस्थित होता है।

प्रोटीन हमारे शरीर में त्वचा, मांसपेशियों, बालों और रक्त कोशिकाओं में पाया जाता है साथ ही शरीर के संतुलन को बनाये रखने के लिए भी बहुत जरुरी है।

क्या आप जानते हैं कि हमारे भारत में 100  में से 90 लोगो के खाने में प्रोटीन पर्याप्त मात्रा में नहीं पाया जाता है? इनमे से सबसे ज्यादा शाकाहारी लोगो के खाने में प्रोटीन का स्रोत कम पाया जाता है

प्रोटीन का स्रोत, प्रोटीन के फायदे और नुक्सान, source of protein in hindi

तो अब परेशान मत होइए, क्यूंकि आज में इस ब्लॉग में आपको प्रोटीन का स्रोत और प्रोटीन के फायदे और नुक्सान साथ ही कितनी मात्रा में प्रोटीन का सेवन करने से उसकी कमी पूरी हो जायेगी, के बारे में भी बताऊँगी।


प्रोटीन के रूप

पहला, पूर्ण प्रोटीन जिसमे हर प्रकार के एमिनो एसिड मौजूद होते है, वो ज्यादातर मांसाहारी पदार्थों में होते हैं जैसे कि मांस एवं अंडे

दूसरा, अपूर्ण प्रोटीन जिसमे एक एमिनो एसिड होता है, हरी सब्जियों जैसे की फली आदि में अपूर्ण प्रोटीन पाया जाता है।

तीसरा, पूरक प्रोटीन, जिसमे अलग अलग प्रकार के एमिनो एसिड होते हैं, और इन्हें मिला कर खाने से आवश्यक प्रोटीन मिल जाता है


प्रोटीन कि कमी के लक्षण

  • प्रोटीन कि कमी से एनर्जी लेवल कम होने लगना
  • मांसपेशियों को बनाने में परेशानी का होना
  • किसी भी चीज़ को सोचने में मुश्किलों का बढ़ना 
  • खाने के बाद आलस और नींद का आना
  • हड्डियों के जोड़ तथा मांसपेशियों में दर्द होना
  • शरीर में दर्द होना 
  • बालों का झड़ना
  • कम प्रतिरक्षा (low immunity) का होना
  • वजन कम होने में परेशानी का होना
  • पीरियड्स का अनियमित होना
  • कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना
  • प्रोटीन कि कमी से प्रतिरक्षा तंत्र  पर असर पड़ता है, जिससे बिमारियों और इन्फेक्शन का खतरा रहता है  क्यूंकि हमारे शरीर के प्रतिरक्षा कोशिका प्रोटीन से बनते है, रिपेयर और मल्टिप्लाय होते हैं। 
  • अगर आप बीमार होते रहते हैं नियमित तौर पर या अक्सर बुखार, सर्दीजुखाम, एलेर्जी या इन्फेक्शन होते रहते हैं साथ ही चोट या घाव को भरने के लिए तथा ताकतवर प्रतिरक्षा तंत्र के लिए प्रोटीन रिच डाइट अतिआवश्यक है


प्रोटीन के स्रोत (Sources of protein)

  • प्रोटीन सबसे अधिक मांसाहारी पदार्थों में होता है जैसे माँस, मछली, मीट आदि में होता है लेकिन इसके अलावा ये शाकाहारी पदार्थों में भी पाया जाता है जैसे 10 gm पालक में 3 gm प्रोटीन पाया जाता है, ब्रोक्कोली, मशरूम, गोभी, खीरा, शिमला मिर्च, बंदगोभी, टमाटरदूध, दही, पनीर, गुड़ आदि
  • सोयाबीन के अंदर सबसे अधिक प्रोटीन पाया जाता है। विटामिन B और विटामिन E कॉम्प्लेक्स होता है। सोयाबीन में फाइबर भरपूर मात्रा में पाया जाता है, 100 gm सोया चंक्स में लगभग 50 gm तक प्रोटीन होता है
  • पनीर यानि दूध से बने सारे उत्पाद सेहत के लिए अत्यंत लाभकारी है, जो हमारे शरीर में कैल्सियम की कमी को पूरा करने में मदद करते हैं ये भी दूध से तैयार होता है इसलिए इसमें प्रोटीन, वसा और कार्ब पाया जाता है 
  • सिर्फ 100 gm प्रोटीन में लगभग 18 gm तक का प्रोटीन होता है
  • मूंग कि दाल प्रोटीन की कमी को पूरा करने का सबसे सस्ता उपाय है, मूंग की दाल प्रोटीन से भरी होती है 100 gm मूंग कि दाल 24  gm प्रोटीन से भरी होती है
  • बादाम भी प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है यह प्रोटीन के साथ-साथ अच्छा वसा से भी युक्त होता है 100  gm  बादाम में 21 gm  तक प्रोटीन पर्याप्त होता है
  • काजू वजन बढ़ने के लिए सहायक होते है लेकिन साथ ही  यह प्रोटीन से भी युक्त होता हैं, इसमे  16-18 प्रोटीन, वसा तथा 553 केलोरी तक पायी जाती है।
  • दूध न सिर्फ केल्सियम से युक्त होता है बल्कि हड्डियों को मजबूत करता है इसमें प्रोटीन की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है 1लीटर दूध में लगभग 40 gm  प्रोटीन पाया जाता है
  • अंकुरित अनाज में भी प्रोटीन पाया जाता है जिनका नियमित सेवन आपके अंदर की प्रोटीन कि कमी को पूरा करने में कारगर सिद्ध हुआ है एक कप अंकुरित अनाज में आपको 15-20 gm तक प्रोटीन मिल जाता है
  • मूंगफली के नियमित सेवन से भी आपको  लगभग 26 gm  तक का प्रोटीन मिलता है
  • चने न सिर्फ प्रोटीन बल्कि फाइबर से भी भरे होते हैं, इसे आप भिगो कर फ्राई करके या उबाल कर भी खा सकते है लेकिन भीगे हुए खाने से अधिक फायदा मिलता है
  • दही भी प्रोटीन का एक अच्छा स्रोत है  इसमें करीब 11 gm प्रोटीन पाया जाता है, दूध से बने हर उत्पाद में प्रोटीन एक अच्छा स्रोत माना जाता है।
  • ऊपर दिए गए सभी बिंदु प्रोटीन के स्रोत है।   


प्रोटीन के फायदे और नुकसान

  • स्वस्थ बालों के लिए प्रोटीन फायदेमंद होता है, जब आपकी डाइट में प्रोटीन की कमी होती है तब आपके बालों का गिरना, सफ़ेद होना और बालों का पतला होना शुरू हो जाता है और बॉडीबालों के बढ़ने में जो प्रोटीन इस्तेमाल होता है उसको संरक्षित करने लगती है जिससे बाल बढ़ने बंद हो जाते है इसलिय डाइट में प्रोटीन को जरूर लें।
  • मस्तिष्क की शक्ति को बढ़ाने के लिए भी डाइट में प्रोटीन का होना बहुत आवश्यक है। यह हमारे दिमाग के न्यूरोट्रांसमीटर को ज़रूरी एमिनो एसिड उपलब्ध कराता है, जिससे वो सही तरीके से कार्य कर पाते हैं 
  • कार्बोहिड्रेटस दिमाग में एमिनो एसिड के ट्रीप्टोफन के स्तर को बढ़ाते है जिससे नींद आने लगती है और थका हुआ महसूस होने लगता हैं,  वही प्रोटीन दिमाग में टेरोसिन एमिनो एसिड के स्तर को बढ़ाता है जिससे ताकतवर महसूस होता है  
  • क्यूंकि यह शरीर को एक्टिव और अलर्ट कर देता हैं यह याद्दाश्त शक्ति को बनाये रखने के लिए भी जरुरी होता है
  • यह मांसपेशियों को मजबूत बनाता है यदि आप अपनी मांसपेशियों को मजबूत बनाना चाहते है तो इसको अपने नियमित आहार में शामिल करना होगा जिससे मांसपेशियां मजबूत और स्वस्थ बनेगी।
मैं आशा करती हूँ की आपको प्रोटीन के फायदे और नुकसान के बारे में जान कर अच्छा लगा होगा।  


प्रोटीन की मात्रा

0.8 gm/kg प्रोटीन को प्रतिदिन लेना चाहिए।  लेकिन यह सबके लिए अलग अलग मात्रा में होता है जिसका विशेष ध्यान रखना चाहिए इस हिसाब से प्रोटीन की प्रतिदिन मात्रा:-
  • एक सामान्य पुरुष में 56 gm
  • सामान्य महिलाओं में 46 gm
  • 9-13 साल के बच्चों में 26-35  gm
  • गर्भवती महिलाओं के लिए 71 gm  प्रोटीन की आवश्यकता होती है।


सावधानियाँ

आवश्यकता से अधिक प्रोटीन लेने से भी आपको नुकसान हो सकता है इसलिए उतना ही ले जितना आपके डॉक्टर ने आपको सलाह दी है
               
माना जाता है की आपको प्रोटीन सिर्फ उतना ही लेना चाहिए जितनी आपके शरीर को जरुर हो और ये आपकी उम्र, वजन तथा आपकी नियमित दिनचर्या पर निर्भर करता है

आशा करती हूँ की आज मेने आपको प्रोटीन का स्रोत और प्रोटीन के फायदे  नुक्सान से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियाँ दे दी होंगी जिनकी वजह से आज आपको अपनी तकलीफों और बीमरियों का कारण भी पता लग गया होगा

लेकिन अब आपको बिलकुल भी परेशान होने जरुरत नहीं है क्यूंकि मैने आपको इसको जड़ से ख़त्म करने का उपाय भी दे दिया है 

ऐसे ही स्वास्थ्य-वर्धक तरीको को अपनाइए और दुसरो को भी इसके नियमित प्रयोग की सलाह दें ताकि वो भी इन सभी बिमारियों से दूर रहें

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